देश के बिगड़ते हालात, घोटाले के बढ़ते ग्राफ व्याप्त अराजकता के कारण मुझे जो चिंता थी वो सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने कम कर दी है। देश में कुछ नेताओं से कितने भी घोटाले हो पर आज भी आम जनता में इतनी ताकत है कि वो अपने फैसलों से सरकारे हिला सकें। मैंने कहा बापू अभी तो सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई फैसला नहीं सुनाया जिस पर खुश हुआ जा सके।
बापू बोले- सुप्रीम कोर्ट ने गरीबी रेखा के नीचे जीने वालों की कमाई (प्रतिदिन) का जो आंकड़ा तय किया है वही देश को बदल देगा। मैंने पूछा कैस? बापू ने कहा-देश की आम जनता के मन में अब अमीर होने की चाह नहीं बची अब वो अपनी कमाऌई टैक्स, वैट में नहीं देना चाहते हैं। सोचो तुम कही रिक्शे से जा रही हो और जहां जाना है वहां का किराया 40 रू. हो और रिक्शे वाला सिर्फ 3 या 4 रू. ही मंागे तो? मैंने कहा मेरा तो ब्लड प्रेशर ही कम हो जाएगा। बापू बोले वही तो रिक्शे वाला चाहता है वो दिन भर में 32 रू. से ज्यादा न कमाए। ऐसा ही हाल है पेट्रोल पम्प वालों का हो रहा है बेचारे 68 रू. लीटर पेट्रोल पर लोग डेढ़, दो रू. लीटर के भाव से ले रहे है क्योंकि उनकी वो 68 रू. जितनी तो कमाई भी नहीं हो रही है। सब्जियां 2 से 5 रू. किलो बिक रही है, दालें 4-5 रू. किलो, गैस की टंकी 10 रू. की। हर इंसान यही चाहता है कि पूरे दिन का लेन देन के बाद उसकी कमाई गांवो में २६ रू. और शहर में 32 रू. ही हो। कोर्ट के एक ही फैसले ने देश की व्यवस्था बदल दी।
मैंने कहा-स्वप्न अच्छा है, पर सच कभी नहीं होगा। बापू ने कहा-होगा बेटा, देश की आम जनता जाग रही है वो सोचती है इतना कमा कर सरकार को को टैक्स भरो और वही पैसा नेता डकार जाते हैं। इससे तो अच्छा कि हम अमीर ही नहीं बने। शिक्षा, चिकित्सा तो सरकार फ्री देगी ही। लेन देन भी बार्टर प्रणाली से कर लेगे। नेताओं को कुछ खाने नहीं देंगे। क्योंकि बरसो से इतने घोटाले हुए फिर भी किसी नेता को कोई सजा नहीं और आम जन क्यों दिन रात पिसें। बल्कि इन्हें जितनी तनख्वाह मिलती है, अब तो देश के खजाने में भी टैक्स के रूप में उन्हें ही पैसा भरना पड़ेगा। मैंने कहा-बापू सच में ऐसा हो जाए तो मजा आ जाए। नेताओं को, भ्रष्ट कर्मचारियों को तो ऐसा सबक मिल जाएगा, बेचारे धोबी के कुत्ते बन जाएंगे। जब चीजें इतनी सस्ती हो जाएगी, सभी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करेंगे तो सरकारी खजानों में तो लूटने जैसा कुछ बचेगा ही नहीं और इस बार भारत सोने की चिडिय़ा अवश्य ही बच जाएगा। पर बापु यहां हार्न की इतनी आवाजें क्यों आ रही है तभी कान में स्वर पड़ा ए कबसे बीच रास्ते में गाड़ी कर रखी है। लाइसेन्स दाखव गाड़ी साईड में कर। और सारे पेपर सही होने के बाद भी हवलदार बोला लाइसेन्स चाहिए तो 300 रू. देकर ले लेना। और ये सोच रही थी क्या बापू का यही सपना था, रिश्वत मुझसे मांगी जा रही थी और सामने बापू की मूर्ति मुस्कुरा रही थी।
करुणा कोठारी
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