जब परिवार में सामंजस्य न हो,रिश्तो में समरूपता न हो ,पक्षपात नेअपनी जड़ें फैला दी हो,व्यवसाय में पार्टनर के ओर आपके बीच किसी ने गलतफहमी बढ़ा दी हो,एक कम कार्य करे और एक ज्यादा जिससे दूरी बढ़ रही हो,अपने आस पास मे रहने वाले कुछ लोगो को आपके सकारात्मक कार्यो के सामने उनको अपनी अहमियत कम लगे और बातों को गलत रूप में आपके आस पास मे फैलाना शुरू करे तो ऐसे लोगो से तत्काल संभल जाइए क्योकि ये आपके जीवन मे दीमक का कार्य करने वाले लोग है।
ये वो लोग है जो
छोटी छोटी बातों को गलत रूप में प्रस्तुत करके दुसरो की खुशहाल जिंदगी में जहर भरने का कार्य करते है।
ऐसे लोग भूल जाते है कि वो अपनी ही इज्जत दुसरो की नजरों में कम कर रहे है।
फिर रिश्ते सिर्फ नाम के लिए निभते है,दिलो में जो दूरियां उनकी हरकतों से आ जाती है उन दूरियों समाप्त करना दुष्कर हो जाता है।
आप जो बो रहे हो भविष्य में वही आपको काटना है।
ओर उन लोगो को अपनी सोच बदलनी चाहिए जिन्हें ये लगता है कि ऐसे लोग मेरे शुभचिंतक है,
ऐसे लोगो से संभल कर रहे जिनके कारण आपके पारिवारिक जीवन मे सामाजिक जीवन मे व्यवसायिक जीवन मे कटुता आती है।
क्योकि कुछ लोग कभी नही चाहेंगे कि आप खुश रहे इसलिए स्वयं मूल्यांकन करे कि जिन लोगो की बातों ने आपको भडकाने का कार्य किया और आपने झगड़ा किया क्या सच मे वो बाते महत्वपूर्ण थी,या सिर्फ उनके अहम को संतुष्टि मीले इसलिए आपने झगड़े किये।
या आप ये बता सके कि आप किसी से डरते नही,आप जोरू के गुलाम नही,आपके जितना अच्छा व्यापारी कोई नही।
तो अपने अहम से भी मुक्त होना सीखिए,उनको साथ लेकर चलिये जो आपके सुख से ज्यादा आपके दुख में साथ खड़े होते है,जो आपसे प्यार करते है,जिनकी उन्नति भी आपकी उन्नति से जुड़ी है।
फिर देखिए रिश्ते महकने लगेंगे, हा कुछ लोगो को दर्द जरूर होगा आपको खुश देख कर।
लेकिन किसी के अहम की तुष्टि आपकी खुशीयो की कीमत नही होनी चाहिए।
अपनी सोच को इसलिए संकुचित ना करे कि कही सामने वाला बुरा ना मान जाये उसे मायूसी ना मिले,क्योकि यदि उस पर आपका वॉर खाली गया तो वो दूसरे को ढूंढ लेगा लेकिन आपने समझदारी से सामने वाले को ये अहसास दिला दिया कि आपके पास इन बातों के लिए अनावश्यक वक्त नही है,ओर ना ही आपको ऐसे शुभचिंतको की जरूरत है जो आपके रिश्तो को खोखला बनाना चाहते है तो आप ओर आपसे जुड़े लोग सभी खुश रह सकते है।
5/08/2019
रिश्तो को खोखला करने वाले दीमक से बचे।
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